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पानी घटा कटान तेज, 50 बीघे गन्ने की फसल नदी में समाई

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पानी घटने से कटान तेज, 50
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बीघे गन्ने की फसल डूबी

क्रासर

- किसी भी समय नदी की धारा में समा सकते हैं 6 मकान
फोटो- 28, 29 पी
दरियाबाद (बाराबंकी)। घाघरा नदी का पानी भले ही कम हो गया हो लेकिन नदी द्वारा की जा रही कटान से बाढ़ पीड़ितों में हड़कंप मचा है। नदी की धारा में अब तक 50 बीघे गन्ने की फसल समा चुकी है इसके अलावा आधा दर्जन मकान नदी के निशाने पर हैं जो किसी भी समय नदी की धारा मे समा सकते हैं।
घाघरा नदी का पानी तेलवारी और करोनी गांव के निकट तेजी से कटान कर रहा है। नदी की कटान में इन गांवों के किसानों की अब तक करीब 50 बीघे गन्ने की फसल नदी की धारा में समा चुकी है। किसानों का कहना है कि जिस तेजी से नदी का पानी कटान कर रहा है यदि यही हाल रहा तो सैकड़ों बीघे फसल नदी की धारा में समा सकती है। वहीं गांव के ही घिर्राउ, मनीराम, पुर्नवासी, झिंगुरी, अलखराम और गोविंद के मकान किसी भी समय नदी में समा सकते हैं। नदी के तेवरों को देखते हुए इन लोगों ने मकान खाली कर दिया है और उसमें रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंच खुद भी परिवारीजनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर जा बसे हैं। इन लोगों का कहना है कि जब नदी का पानी बढ़ता है तब कटान का खतरा नहीं रहता है लेकिन जैसे ही पानी घटने लगता है नदी कटान शुरू कर देती है। इन लोगों का कहना है कि खून-पसीने से तैयार की गई गन्ने की फसल इस तरह से बर्बाद हो जाएगी यह सपने में भी कभी नहीं सोचा था। लेकिन नदी का पानी जिस तरह से कटान कर रहा है उससे बाढ़ पीड़ितों की रातों की नींद हराम हो गई है।
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बाक्स
करोनी और तेलवारी गांव के निकट घाघरा नदी के पानी द्वारा कटान किए जाने की जानकारी मिली है। इस दौरान किसानों की गन्ने की फसल कटान की जद में आई है जिसका आंकलन कराया जा रहा है।
संतोष कुमार सिंह, एसडीएम सिरौलीगौसपुर
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