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बर्खास्तगी और रिपोर्ट के बावजूद लेखपालों ने दिया धरना

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लेखपालों ने दिया धरना, चार निलंबित
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क्रासर

- प्रशासन की चेतावनी, कार्य पर नहीं आए तो पुलिस जमा कराएगी बस्ते

- चाहे जो कार्रवाई करें, मांगें मानने तक जारी रहेगा आंदोलन : साकेत
फोटो- 14 पी
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्रशासन की कार्रवाई का लेखपालों पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। शुक्रवार को लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया। उधर प्रशासन ने दो टूक कहा कि यदि दो दिन के अंदर लेखपाल कार्य पर नहीं आए तो नए लेखपालों को बर्खास्त कर दिया जाएगा और पुराने लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस की मदद से इनके बस्ते जमा करा लिए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर हैदरगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तहसील अध्यक्ष रामयज्ञ सरोज और इंद्रमणि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रामनगर प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम रामनगर अभय पांडेय ने तहसील अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शुुक्ला और महामंत्री अजय सिंह को भी निलंबित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस प्रशासन ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष साकेत रावत, मंत्री दिलीप श्रीवास्तव, अश्वनी मिश्र, दीपचंद यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा 165 लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस भेजा था। प्रशासन की सख्ती के बाद भी लेखपालों ने शुक्रवार को गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष साकेत रावत ने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी भी कार्रवाई कर ले लेखपाल साथी इससे डरने वाले नहीं है। कोई भी साथी प्रशासन के द्वारा जारी की गई नोटिस को रिसीव नहीं करेगा। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार हमारी जायज मांगों को मान नहीं लेती है। पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला ने कहा कि प्रशासन कुछ भी कर ले लेकिन हम लोगों का संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
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जिलाधिकारी के आदेश पर लेखपालों को दो दिन का मौका दिया गया है। इसके बाद नए लेखपालों को बर्खास्त कर दिया जाएगा और जो पुराने लेखपाल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस की मदद से इनके बस्ते जमा कराए जाएंगे।
संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम
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