जहांगीराबाद के एक बूथ पर मतदान का बहिष्कार
बाराबंकी। बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मंझलेपुर, जहांगीराबाद के बूथ पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। 925 मतदाताओं वाले इस बूथ पर एक भी वोट नहीं डाला गया। नगर पालिका की सीमा में शामिल नहीं किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों के समझाने के बावजूद मतदान नहीं किया। इसके अलावा हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दो बूथों पर ग्रामीणों ने कुछ मांगों को लेकर सुबह कुछ देर तक मतदान का बहिष्कार किया। अधिकारियों के समझाने कर उन्होंने मतदान किया।
जहांगीराबाद के मंझलेपुर बूूथ संख्या 350 पर एक वोट भी नहीं डाला गया। 924 मतदाताओं वाले इस बूथ पर लोगों ने मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा पहले से की थी। उसका असर सोमवार को मतदान के वक्त देखने को मिला। सुबह काफी देर तक एक भी वोट नहीं पड़ने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर अभय पांडेय ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पूर्व सीमा विस्तार में फैजुल्लागंज को नगर पालिका में शामिल कर लिया गया लेकिन चमंझलेपुर को छोड़ दिया गया था। इसके चलते ग्रामीणों को न तो शहर की सुविधा मिल रही है और न ही ग्राम पंचायत की। एसडीएम के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण नहीं माने और बूथ से दूरी बनाए रहे।
उधर हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 15 कमालपुर के ग्रामीणों ने गोमती नदी पर पुल की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। सुबह काफी देर तक बूथ पर सन्नाटा रहने की सूचना पर एसडीएम प्रतिपाल सिंह, सीओ एसके राय, सेक्टर मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार, जोनल मजिस्ट्रेट सुप्रभात सिंह आदि ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी प्रत्याशी को नहीं पसंद करते हैं तो निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के तहत नोटा का बटन दबा सकते हैं। इस पर दोपहर 12 बजे मतदान प्रारंभ हो सका। इसी विधानसभा क्षेत्र के ही प्राथमिक विद्यालय बिजौली के बूथ संख्या 202 पर भी डेढ़ घंटे मतदान बाधित रहा। संपर्क मार्ग और बंदरों के आंतक से निजात दिलाने को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद मतदान करना शुरू किया।