‘बंद किया जाए लेखपालों का उत्पीड़न’
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के पीरबटावन स्थित मदरसा दारुल उलूम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिला इकाई की एक आपात बैठक हुई। बैठक में आंदोलित लेखपालों के विरुद्व शासन-प्रशासन द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्यवाही पर विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि मांगों को लेकर लेखपालों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को सरकार ने अनियमित घोषित कर दिया है जबकि सरकार का दायित्व था कि कर्मचारी प्रतिनिधियों से वार्ता कर समस्या का समाधान करती। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मदन मोहन ने कहा कि सरकार मांगों को पूरा करने के बजाय उत्पीड़न कर रही है। वहीं विकास भवन कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष मुस्तफा खां ने कहा कि जिला प्रशासन कर्मचारियों के विरुद्व कार्यवाही में बहुत तेजी दिखा रहा है। बैठक में महामंत्री यशवंत राव भाष्कर, संप्रेक्षक सगीर नूरी आदि ने भी अपनी बात कही। बैठक में लेखपालों के विरुद्व की जा रही उत्पीड़न की कार्यवाह की कर्मचारियों ने निंदा की और मांग किया की कर्मचारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाए। और उत्पीड़न की कार्यवाही बंद की जाए।