घरेलू सिलेंडर से गैस भर
फर्राटा भरते स्कूली वाहन
क्रासर
नहीं चेते तो कभी भी हो सकता है हादसा
फोटो:- 09 पी
अमर उजाला ब्यूरो
कोटवाधाम(बाराबंकी)। लाख प्रयासों के बाद भी गैस रीफिलिंग का धंधा नहीं रुक पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के खजूरी व कोटवाधाम में घरेलू गैस सिलेंडर से गैस रीफिलिंग धड़ल्ले से जारी है। क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूलों तक ले जाने वाले वाहन घरेलू रसोई गैस से चलाए जा रहे हैं जिससे गैस से चलने वाले वाहनों में हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बताते चले कि बीते अप्रैल माह में दरियाबाद कस्बा निवासी मोइन खान की मारुति वैन में गैस रीफिलिंग के दौरान आग लगने से आबादी के बीच मारुती वैन धू-धू कर जल उठी थी। हालांकि उस दिन यह बड़ा हादसा होते-होते टल गया था। अभिभावक और प्रशासन की खमोशी किसी दिन मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। अगर समय रहते प्रशासन न चेता तो कभी भी हादसा हो सकता है। कोटवाधाम क्षेत्र में मारुती वैन में पिछली सीट के नीचे गैस किट लगवाकर उसे स्कूल से अटैच कराकर बच्चों को ढोया जाता है। ईधन में कम लागत को लेकर वाहन मालिक चोरी छूपे एकांत स्थान पर घरेलू सिलेंडर से गैस भरकर धंधा चमकाने में लगे हैं।
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समय-समय पर गैस रीफिलिंग की चेकिंग की जाती है और ऐसी मिलने वाले वाहनों पर कार्रवाई भी होती है। आरटीओ द्वारा भी विशेष जांच कराकर ऐसे वाहनों को सीज कराया जाएगा।
अजय कुमार द्विवेदी, एसडीएम सिरौलीगौसपुर।
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