समाज में बदलाव लाने वाले दंपती होंगे पुरस्कृत
- सही उम्र में शादी व दो बच्चों में अंतर रखने वाले होंगे चिह्नित
- जनसंख्या स्थिरता कोष से 10 से 19 हजार रुपये तक मिलेगी प्रोत्साहन राशि
- आठ प्रदेशों में एक साथ शुरू हुई योजना
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को सफल बनाने के लिए यूपी समेत आठ राज्यों में एक साथ प्रेरणा परियोजना शुरू की गयी है। इसके तहत उन दंपतियों को चिह्नित किया जाएगा जिन्होंने रुढ़िवादी मानसिकता को तोड़ समाज को बदलने में योगदान दिया है। सही उम्र में विवाह कर बच्चों में उचित अंतर रखने वाले ऐसे अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के दंपतियों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी सिफ्सा को जनसंख्या स्थिरता कोष की समस्त परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। अधिशाषी निदेशक सिफ्सा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक पंकज कुमार द्वारा बीते तीन जुलाई को सीएमओ को इसका आदेश जारी कर दिया गया। आदेश के मुताबित लड़की की 19 व लड़के की 21 वर्ष विवाह की आयु रखने, नव दंपतियों में दो बच्चों के बीच अंतर रखने, शिशु और माता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या स्थिरता कोष का गठन किया गया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा में शुरू की गई है। एडीपीएम अमरीश द्विवेदी के मुताबिक इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आशा एवं एएनएम के सहयोग से सीएचसी स्तर पर लाभार्थियों को चिह्नित कर लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाएगा। योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों को अपने निकटम सीएचसी पर अपना आवेदन करना होगा। प्रेरणा परियोजना के सभी जरुरी दस्तावेज जमा करने के बाद लाभार्थियों को पुरस्कार की राशि उनके आधार कार्ड से लिंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी।
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यह होंगे पात्र
प्रेरणा परियोजना का लाभ पाने वालों के लिए छह अहर्ता निर्धारित की गई हैं। दंपती गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले होने चाहिए, अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति का हो, महिला का विवाह वर्ष 2011 से बाद हुआ हो और उस समय उसकी आयु 19 वर्ष या अधिक हो। पहला बच्चा विवाह के दो वर्ष बाद हुआ हो, दूसरे बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर हो, दूसरे बच्चे के जन्म के बाद अथवा एक साल के बीच दंपती द्वारा परिवार नियोजन की स्थायी विधि को अपनाया गया हो।
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यह होगी पुरस्कार की धनराशि
छह में से चार अर्हता पूरा करने वाले दंपतियों के पुरस्कार की राशि अलग-अलग निर्धारित है। पहला बच्चा लड़का है तो 10 हजार या लड़की है तो 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। सभी अर्हता पूरी करने पर यदि दोनों बच्चे लड़के हैं तो 15 हजार यदि एक लड़का और एक लड़की है तो 17 हजार रुपये यदि दोनों लड़की हैं तो 19 हजार रुपये प्रोत्साहन स्वरूप दिए जाएंगे। यदि किसी दंपती द्वारा पहले बच्चे के जन्म के समय प्रेरणा परियोजना का लाभ लिया जा चुका है तो उसे दूसरे बच्चे के जन्म पर भी इसका लाभ मिलेगा।
वर्जन
परिवार नियोजन को बढ़ाना देने के लिए यह परियोजना लागू की गई है। इससे अति पिछड़े समाज में जागरुकता आएगी और शिशु व माता की देखभाल के साथ ही लोग अपने बच्चों का विवाह सही समय पर करेंगे।
- डॉ. राजीव सक्सेना, नोडल अधिकारी परिवार कल्याण