झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना
गर्मी से मिली निजात, जलभराव से बढ़ीं मुश्किलें
नालों की सफाई न होने से तालाब नजर आया शहरी इलाका
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो-16 से 23 तक व 33
बाराबंकी। तेज हवाओं के साथ गुरुवार को मौसम सुहावना हो गया। मगर, शहरी इलाका बारिश के बाद तालाब नजर आया। जगह-जगह जल भराव की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश से पूर्व ही विद्युत कटौती की गई। जो देर शाम बहाल हुई।
गुरुवार को दोपहर होते ही आसमान में काले बादल छा गए। उसके बाद तेज हवाएं चली और देखते ही देखते बारिश होने लगी। करीब एक घंटे तक लगातार बारिश हुई। जिसके चलते शहर के नाका सतरिख से पैसार, दशहराबाग व धनोखर तक सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव से सड़के तालाबों में तब्दील दिखी। ऐसे में इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को काफी समस्याएं का सामना करना पड़ा। हालांकि कई दिनों से गर्मी व उमस से बेहाल लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली। मौसम सुहाना होने के बाद शाम होते ही लोग अपने परिवार के साथ कमला नेहरू पार्क पहुंचे। वहीं मौसम बदलने के साथ ही मार्केट व चाट की दुकानों पर काफी भीड़ दिखी। बारिश से पटरी दुकानदारों को काफी दिक्कत हुई। ठेले वाले तो पालीथिन व तिरपाल डालकर बारिश से बचे। मगर, जमीन पर दुकान लगाने वालों को सामान बांधकर घार जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखा।
तेज बारिश से मेंथा व केला किसान मायूस
तेज हवा व बारिश से किसानों में मिला जुला असर दिखा। धान की नर्सरी करने वाले किसानों को जहां तापमान में आई गिरावट व बारिश ने खुशी का एहसास दिलाया। वहीं मेंथा व केले की खेती करने वाले किसान मायूस दिखे। खेतों में कटी पड़ी मेंथा की फसल बारिश से खेेतों में तैरने लगी तो पेराई को लेकर तैयार किया गया ईंधन भी बारिश से भीग गया। दो दिन पूर्व आए आंधी-पानी व गुरुवार को चली तेज हवाओं से केले के पेड़ गिर गए। उप कृषि निदेशक डा. एसपी सिंह की माने तो धान की खेती करने वाले किसानों के लिए मुफीद समय पर बारिश हुई है। वह तापमान में आई गिरावट से नर्सरी तैयार कर सकते है। मगर, केले व मेंथा की फसल के लिए बारिश व तेज हवाओं से नुकसान जरूर हुआ है। हालांकि सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए गुरुवार की बारिश मुंह मांगी मुराद से कम नही है।