बाराबंकी। शाम ढलने के साथ ही शहर में मस्जिदों के आसपास रौनक बढ़ जाती है। मुस्लिम इलाकों में तरावीह की नमाज के बाद बाजार गुलजार हो जाते हैं। मस्जिदों में इबादत से माहौल पाकीजगी का एहसास कराने लगा है। तरावीह की नमाज के बाद होटलों पर लोगों की भीड़ जुट जाती है। चाय, कुल्चे नहारी, बिरयानी व कबाब के जायके के लिए दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं।
रमजान-उल-मुबारक अल्लाह को राजी करने का महीना है। इस माह कुरान की तिलावत का बहुत सवाब होता है। इसी कारण इबादतगाह में बड़े, बूढ़े और बच्चे सभी उत्साहित हैं। तरावीह की नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदार भी शामिल हो रहे हैं। जुमेरात को तिलावत-ए-कलमा पाक का दौर दिन भर जारी रहा। मस्जिदों व घरों में नफली नमाजें भी पढ़ी गई। रमजान में सेहरी में जगाने वालों की टोली ने निकलना शुरू कर दिया।
इसके साथ बाजारों की अपेक्षा जुमेरात से अधिक बढ़ने लगी। मस्जिदों में रमजान के पहले जुमे केे लिए लोग तैयारियां कर रहे हैं। इसके अलावा बाजारों में इफ्तार को लेकर तरह तरह के पकवान बनाए गए। इसमें विशेष रूप से इमरत, खजला, शाही टुकड़ा सहित पकौड़ी, कचौड़ी हैं। इसके अलावा टोपी व इत्र की दुकानों पर भी भीड़ दिखाई दी।