उड़द की बर्बाद फसल की जांच को पहुंचे अधिकारी
बाराबंकी। दलहनी फसल को बढ़ावा देने के लिए जिला में उड़द की प्रर्दशन खेती कराई गई थी। इसमें देवा व सूरतगंज ब्लाक के किसानों की करीब डेढ सौ बीघे उड़द की फसल बर्बाद हो गई थी। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की।
इसमें जिला कृषि रक्षा अधिकारी किरन बाजपेयी व कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. एसपी सिंह को शामिल किया गया था। गुरुवार को प्रर्दशन-खेती की जांच करने के लिए कमेटी देवा के महमूदाबाद गांव पहुंची। किसान के खेत में लगी फसल देखी, बात भी की। किसान ने जांच अधिकारियों को बताया कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया बीज घटिया होने से ही समस्या हुई।
अधिसंख्य किसानों ने खड़ी फसल जोतवाकर आलू की बोआई कर दी है। हालांकि एक किसान के खेत में लगी फसल में अब फली निकलना शुरू होने की बात सामने आई। मगर, विभाग द्वारा बीज उपलब्ध कराते समय बताए गए समय पर फली नही निकलने से किसानों की मेहनत बेकार हो गई। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट उप कृषि निदेशक को शुक्रवार को उपलब्ध करा दी जाएगी।
गुरुवार को जिला कृषि रक्षा अधिकारी किरन बाजपेयी ने छापेमारी कर देवा के यादव कृषि सेवा केंद्र व शर्मा बीज भंडार पर कीटनाशक के नमूने लिए लेकर नोटिस जारी किया। मौर्या बीज भंडार व वर्मा बीज भंडार पर अधिकार पत्र का उल्लेख न मिलने पर नोटिस दी। इस दौरान तो कई दुकानदार शटर गिराकर भाग गए।