सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जारी एक आदेश में कहा 31 मार्च 2017 के बाद किसी भी हाईवे के 500 मीटर अंदर तक शराब की दुकानें नहीं चलेंगी। इस आदेश के आने के बाद शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
क्योंकि हाईवे किनारे की दुकानों से सबसे ज्यादा फायदा होता है। आबकारी विभाग की मानें तो जनपद में निकलने वाले हाईवे पर देशी, विदेशी व बीयर की करीब 115 दुकानें संचालित हो रही हैं। आबकारी अधिकारियोें का कहना है कि शीर्ष अदालत का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक फैसले में कहा कि देश के किसी भी स्टेट या नेशनल हाईवे के 500 मीटर के अंदर तक शराब की दुकानें नहीं चलेंगी। आदेश में कहा कि 31 मार्च 2017 के बाद हाईवे पर शराब की दुकानों का संचालन नहीं होगा।
सर्वोच्च अदालत के इस आदेश के आते ही जिले के शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि हाईवे किनारे स्थित दुकानों से बहुत अच्छी आमदनी होती है। वहीं इस आदेश के आते ही आबकारी विभाग भी हरकत में आ गया। जिले में अभी तक जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 देशी शराब, 17 विदेशी शराब, 6 माडल शाप, व 17 बीयर की दुकानें संचालित की जा रही हैं।
वहीं स्टेट हाईवे पर 25 देशी, 11 विदेशी शराब व बीयर की दस दुकानें चल रही हैं। सब मिलाकर हाईवे किनारे करीब 115 दुकानें हैं और शहर में एक बार भी संचालित होता है। सुप्रीम कोर्ट से मिले आदेश के बाद अब यह दुकानें हाईवे किनारे से हटाकर दूसरी जगह पर स्थानांतरित की जाएंगी।
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग व राजमार्ग पर देशी, विदेशी शराब व बीयर की दुकानें व माडल शॉप और बार मिलाकर 115 दुकानें संचालित हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ये दुकानेें हाईवे किनारे से हटवाई जाएंगी। अभी इस संबंध मेें कोई लिखित आदेश नहीं प्राप्त हुआ है लेकिन अदालत का जो भी आदेश होगा उसका पालन कराया जाएगा। -विपिन सहाय यादव, जिला आबकारी अधिकारी