फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रसगुल्ला खाने से 4

विज्ञापन
विज्ञापन
रसगुल्ला खाने से 48 बच्चेे बीमार
विज्ञापन


क्रासर

- तेरही भोज के बाद हुई उल्टी और दस्त, सीएचसी में भर्ती

फोटो- 54 पी
अमर उजाला ब्यूरो
देवा (बाराबंकी)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पवैया वीरान में गुरुवार रात एक तेरही भोज में रसगुल्ला खाने से करीब 48 बच्चों की तबीयत एक-एक कर बिगड़ने लगी। सुबह होने तक गांव भर के करीब 48 बच्चे उल्टी-दस्त से बेहाल हो गए। घटना की सूचना पाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा के चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मौके पर ही बच्चों का उपचार शुरू किया। इस दौरान टीम ने बच्चों को ड्रिप लगाने से लेकर दवाएं खिलाई। देर शाम तक टीम ने हालात पर काबू पा लिया।
विज्ञापन

क्षेत्र के ग्राम पवैया वीरान में बृहस्पतिवार को गांव के ही मुनेश्वर कुमार की तेरही भोज का कार्यक्रम था। बताते हैं कि इस कार्यक्रम में गांव के बच्चों ने खाने के साथ रसगुल्ला भी खाया। इससे सबको फूड प्वाइजनिंग हो गई। इसके बाद गांव के ही यश (5), नैना (10), पंखुड़ी (3), अंशुमन (1), जानसी (2), विनय (3), विनीत (2), रिया (5), नितेश (6), रितेश (3), धनुष (7), प्रियांशी (3), हिमांशु (7), सोनाक्षी (5), सलोनी (5), सुधीर (9), गौरी (4), आशीष (8), अतुल (8), रजनीश (5), शुभम (2), राखी (6), रोहिणी (10), सचिन (2), अंश (3), राज (3), निशा (2), सुनील (12), वाली (2), सुनीता (3), गुड़िया (7), रोहित (12), अंशु (3), रिया (3), सुरेंद्र (15), आदित्य (10), वर्तिका (10), राखी (10), रिंकी (6), मधुर (10), श्रवण (12) व सात अन्य की रात में एक-एक कर तबीयत बिगड़ने लगी। शुक्रवार की भोर होते होते उल्टी-दस्त से गांव के करीब आधा सैकड़ा बच्चे जहां-तहां कराहने लगे। बाद में ग्रामीणों ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा को दी। जहां पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद खान के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रताप यादव, डॉ. श्याम नारायण निषाद, राम सिंह, गुड्डू, वीना शर्मा, राम रानी के साथ गांव पहुंची। वहां मौजूद उल्टी दस्त से बीमार बच्चों का मौके पर ही उपचार शुरू र दिया। सीएससी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद खान ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में गांव में कुल 48 बच्चों को रसगुल्ला खाने से फूड प्वाइजनिंग के बाद उपचार शुरू करा दिया गया है। सभी बच्चों की हालत में अब काफी सुधार है। सभी बीमार बच्चों को दवा उपलब्ध करा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें