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..हिंदी राष्ट्र की ही नही सम्पूर्ण विश्व की भाषा बने

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‘हिंदी राष्ट्र ही नहीं, संपूर्ण विश्व की बने भाषा’
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बाराबंकी। हिंदी राष्ट्र की ही नहीं, संपूर्ण विश्व की भाषा बने। हिंदी के हालिया सर्वे में सबसे अधिक 1300 मिलियन लोग हिंदी भाषी मिले हैं। ऐसे में हिंदी भाषा का स्थान विश्व के शिखर पर हो। यह उद्गार गुरुवार को शहर के एमबी कॉलेज मेें हिंदी पखवारे के समापन मौके पर कॉलेज के उप प्रबंधक इंदु शुक्ला ने व्यक्त किए।
हिंदी दिवस के मौके पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मध्य विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिसमें सुलेख, कविता, अनुच्छेद, कहानी लेखन व स्लोगन प्रतियोगिताओं में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हिंदी दिवस के मौके पर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा वैष्णवी पांडेय ने हिंदी भाषा पर आधारित कविता प्रस्तुत की, जिसकी कॉलेज की शिक्षकों ने सराहना की। इसी क्रम में कक्षा 11 की छात्रा प्रार्थना अवस्थी ने राष्ट्रभाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने देश व विदेश में हिंदी भाषा का वर्तमान में प्रयोग व स्थान विषय पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कॉलेज की प्रधानाचार्य रक्षा सक्सेना आदि मौजूद रहीं।
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पायनियर मांटेसरी स्कूल सत्यप्रेमीनगर में हिंदी दिवस मनाया गया। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा के महत्व पर काव्य पाठ की सुंदर प्रस्तुति दी। इस मौके पर रुचिता श्रीवास्तव व तालीम फातिमा मौजूद रहीं। उधर, गांधी भवन में गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जो देश को जोड़ने का काम करती है। महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया, गुणाकर मूले, चक्रवती राजगोपालाचारी, मधुलिमये, लाडली मोहन निगम हिंदी के सबसे बड़े पैरोकार थे। इस मौके पर अशोक शुक्ल ने भी विचार व्यक्त किए।
उधर, मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला कॉलेज में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि डॉ. जयवीर सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस युग में प्रश्न हम ही हैं और उत्तर भी हम हीं। हिंदी के मार्ग की जिन समस्याओं का हम जिक्र करते हैं, उनका समाधान भी हमारे पास है। हिंदी साहित्य की परंपरा आत्मा को परमात्मा तक तक ले जाने वाली है। इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ऊषा चौधरी, डॉ. सरिता सिंह, रचना श्रीवास्तव व डॉ. कंचन गुप्ता आदि ने विचार व्यक्त किए।
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वहीं, रामनगर पीजी कॉलेज में युवक मंगल दल एवं आदर्श नेहरू यूथ क्लब सुरवारी के तत्वावधान में हिंदी विभाग में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। प्राचार्य बीबी सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दशकों में भारत ही नहीं, विश्व में हिंदी भाषा का प्रभुत्व होगा। इस मौके पर डॉ. केके. सिंह डॉ. अखिलेश कुमार वर्मा, डॉ. अंबिकानंद मिश्र, डॉ. इकबाल बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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