किसानों के आधार बनाने को लगाए जाएंगे कैंप
बाराबंकी। दूसरे चरण के किसानों को ऋणमाफी का लाभ देने के लिए कवायद तेज हो गई है। जिन किसानों के आधार नहीं बने हैं, उसके लिए बैंक व तहसील पर कैंप लगाए जाएंगे। जिन किसानों के आधार बनने के बाद खातों से लिंक नहीं हुए हैं, उन्हें लिंक कराया जाएगा। इस सब प्रक्रिया के लिए जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी के निर्देश पर आधार से वंचित रहने वाले किसानों की सूची लेखपालों का सौंपी गई है। लेखपाल सूची को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों से आधार लेंगे और बैंक को उपलब्ध कराएंगे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोक सभागार में ऋणमाफी के संबंध में बैठक हुई, जिसमें बैंक, कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान डीएम ने बताया कि ऋणमाफी के लिए एक लाख 44 हजार 555 किसानों की मैपिंग की गई। जिसमें एक लाख 32 हजार किसान ऋणमाफी के लिए पात्र पाए गए। इनमें से अब तक 94 हजार 857 किसानों के खाते आधार से लिंक हो चुके हैं। ऐसे किसान जिनके पास आधार नहीं हैं, उनके लिए तहसील व बैंक स्तर पर कैंप लगाकर आधार बनवाए जाएंगे। लेखपाल सूची लेकर गांव-गांव जाकर आधार कार्ड से वंचित किसानों को बैंक व तहसील स्तर पर वेंडर के माध्यम से आधार बनवाने के लिए बताएंगे।
बाक्स-
20 तक बंट जाएं पहले चरण के प्रमाण पत्र
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहले चरण के शेष बचे आधार से लिंक किसानों के प्रमाण-पत्र हर हाल में 20 सितंबर तक बंट जाएं। उन्होंने कहा कि हर तहसील मुख्यालय पर कैंप लगाकर प्रमाण पत्रों का वितरण करें। डीएम ने बताया कि नवाबगंज तहसील क्षेत्र का वितरण शहर के जीआईसी व देवा के आडिटोरियम व रामनगर तहसील का महादेवा आडिटोरियम में कैंप लगेगा। शेष तहसील मुख्यालय के किसी एक कॉलेज में शिविर लगाकर प्रमाण पत्रों का वितरण किया जाएगा।