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बारिश से बिगड़े तराई के हालात,घाघरा से कटान जारी

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बाराबंकी। रविवार की रात से लगातार हो रही बारिश से घाघरा की तलहटी में बसे बाढ़ पीडितों का संकट बढ़ गया है। घाघरा के पानी से बेघर हुए लोगों के लिए यह बारिश कहर बन गई। हालांकि घास-फूस की झोपड़ी व प्रशासन की ओर से मिले तिरपाल तानकर बाढ़ पीड़ित बारिश से बचाव के इंतजाम करने में जुटे रहे। घाघरा का जलस्तर भले ही खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर नीचे है। मगर, बारिश के बाद घाघरा फिर से बढ़ने लगी है। तराई के बासिंदों की मानें तो लगातार हो रही बारिश से घाघरा उफान मारेगी। मगर, बारिश के बाद गांव में भरा पानी तेजी से बढ़ रहा है। आस-पास के क्षेत्र से बहकर पानी तराई के बासिंदों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। तहसील के कंचनापुर और रामसनेहीघाट व सिरौलीगौसपुर तहसील के गांव मांझा रायपुर, नाउनपुरवा, चर पुरवा, नैपुरा, परसावल, बेहटा, नयापुरवा व कमियार गांवों के पास कटान तेजी से जारी है।
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दरियाबाद संवाददाता के अनुसार घाघरा के दक्षिणी तट पर तेजी से कटान हो रही है। करोनी से लेकर इटहुआ पूरब के बीच दो दर्जन से अधिक किसानों के सैकड़ों बीघे खेत कटान से घाघरा में समा चुके हैं। खेत कटता देख किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। गोबरहा निवासी किसान कंधई बताते हैं कि उनकी चार बीघे धान की फसल नदी में समा चुकी है। तो भोला व गोविन्द की गन्ने की फसल व शिव कुमार आदि के खाली पड़े खेत कटान की भेंट चढ़ गए। जिसे देखकर घाघरा के किनारे बसे गांव रामपुर हडाहा, इटहुआ पूरब, तेलवारी, गोबरहा, पासिनपुरवा, करोनी, टेपरा, गोसुवापुर, बघौली का पुरवा, सरायसुर्जन, सनावा सहित दर्जन भर गांव पानी से घिरने के साथ खेतों मे भी पानी भरने लगा है।

विधायक ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
घाघरा के उस पार बसे जिले के गांवों के बाढ़ पीड़ितों को रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने सोमवार को राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ राहत केंद्र गौरा सिंह पुर में नाउनपुरवा, चरपुरवा, नैपुरा गांव के बाढ़ पीड़ितों का विधायक ने हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया। उसके बाद बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री दी। इस मौके पर एडीएम व एसडीएम रामसनेहीघाट राहुल यादव आदि मौजूद रहे। इसके बाद अधिकारियों ने कमियार गांव पहुंचकर ग्रामीणों को हाल जाना और उन्हें गांव से निकालकर बंधे पर पहुंचाया।
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