बाराबंकी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बुधवार को 100 करोड़ रुपये के 532 बिल पास हुए जबकि कई विभागों का बिल देर शाम तक उपलब्ध न होने पर माथापच्ची होती रही। ऐसे में इन विभागों का करोड़ों का बजट लैप्स होने की बात भी सामने आ रही है। सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का बजट वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में मिला। इसे लेकर सक्रिय हुए विभागों ने दिन-रात मेहनत कर जो बिल तैयार किए, वे धीरे-धीरे पास हो गए।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सुबह से लेकर देर शाम आठ बजे तक 100 करोड़ रुपए के 532 बिल पास हुए। इसे लेकर विभिन्न विभागों के साथ ट्रेजरी देर शाम तक खुली रही और कामकाज होता रहा। कोई बिल रह जाने से धनराशि लेफ्ट ना हो जाए, इसको लेकर माथापच्ची होती रही।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विकास विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग, बाढ़ खंड, बाढ़ आपदा विभाग के सर्वाधिक बिल पास किए गए। सुबह से ही संबंधित विभाग के पटल सहायक, अकाउंटेंट योजना की फाइल व बिल के साथ ट्रेजरी में जमे रहे। मौका मिलते ही फीडिंग कराकर अपने बिल पास कराने में लगे रहे। हालांकि कई लोग बिलों में खामियां होने के चलते दोबारा पहुंचे और बिल पास होते ही आश्वस्त दिखे। बिल पास होने तक संबंधित विभागाध्यक्ष अपने कार्यालय में डटे रहे।
सूत्रों के अनुसार अल्पसंख्यक विभाग की भारी भरकम रकम के लैप्स होने की चर्चाएं होती रहीं मगर आधिकारिक रूप से पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं हुआ। ऐसे ही कई अन्य विभागों के बिल तैयार न होने से धनराशि वापस जाने का अंदेशा बना रहा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 100 करोड़ रुपए के 532 बिल पास किए गए। बिल फीडिंग का काम करीब पूरा हो चुका है। हालांकि सर्वर चलने तक छूटे हुए बिलों को फीड किया जा सकेगा।