बाराबंकी। गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने भरत उपाध्याय को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा होने पर आधी धनराशि मृतक के पिता को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला शहर कोतवाली के मोहल्ला लखपेड़ाबाग क्षेत्र का है। एक मई 2015 को कार्तिक विहार कॉलोनी निवासी शीतला प्रसाद मिश्रा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि शाम चार बजे लखपेड़ाबाग निवासी भरत उपाध्याय उनके घर आया और उसके लड़के सत्येंद्र कुमार को साथ बुलाकर ले गया। रात में सत्येंद्र वापस नहीं आए तो वादी व परिजनों ने तलाश शुरू किया। दोपहर में सत्येंद्र का शव शहर के निकट फतेहाबाद की एक बाग में पाया गया। भरत उपाध्याय के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई थी। न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने भरत उपाध्याय 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई।