बाराबंकी। शहर की एक्सिस बैंक की मुख्य शाखा में समूह लोन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर, एक अन्य कर्मचारी और देवा क्षेत्र के एक जनसेवा केंद्र संचालक ने मिलकर 78 लोगों से करीब 10 लाख 18 हजार रुपए की ठगी की। फील्ड ऑफिसर की तहरीर पर मंगलवार को शहर कोतवाली में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
फील्ड ऑफिसर सच्चिदानंद शुक्ला के अनुसार सीतापुर जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र के पचासा गांव निवासी पुनीत कुमार एक्सिस बैंक की बाराबंकी शाखा में समूह लोन विभाग में ऑफ रोल रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं बहराइच जिले के माधोपुर निवासी उत्कर्ष आर्यन भी बैंक में कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
आरोप है कि पुनीत ने 60 ग्रामीणों के नाम पर समूह ऋण का फॉर्म भरकर बैंक से करीब 9.73 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराया। इसके बाद उसने देवा क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालक सचिन के साथ मिलकर सभी ऋणधारकों के खाते इंडियन ओवरसीज बैंक की देवा शाखा में खुलवाए और उन खातों की पासबुक व एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए।
इसके बाद पुनीत ने सभी लाभार्थियों को एक्सिस बैंक बुलाया और धोखे से बायोमेट्रिक करवाकर ऋण की धनराशि देवा स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों में ट्रांसफर करवा दी। दो-तीन दिन बाद पुनीत और सचिन ने लाभार्थियों को बताया कि लोन कैंसिल हो गया है। उन्हें दोबारा आवेदन करना पड़ेगा।
इस बहाने उन्होंने सभी को जनसेवा केंद्र बुलाकर पूरी धनराशि अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर ली। जांच में जनसेवा केंद्र संचालक द्वारा अपने वॉलेट से पुनीत को भेजी गई धनराशि के स्क्रीन शॉट भी मिले हैं। वहीं कर्मचारी उत्कर्ष आर्यन ने ऐसे ही 18 अन्य ऋणधारकों से 44,770 रुपए की किस्तें वसूल कीं, लेकिन उन्हें बैंक में जमा न कराकर हड़प लिया।
शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों पुनीत, उत्कर्ष और सचिन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। उत्कर्ष आर्यन ने एक जुलाई व पुनीत कुमार ने नौ जुलाई 2025 से ड्यूटी पर आना बंद कर दिया तथा उनके मोबाइल फोन भी बंद हो गए।