बाराबंकी। सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ से बचाव की तैयारियां समय से पहले शुरू कर दी गई हैं। इसके चलते सरयू नदी में ड्रेजिंग का कार्य जारी है, वहीं रामनगर क्षेत्र के चहलारीघाट-गनेशपुर तटबंध की मजबूती के लिए भी 10 करोड़ रुपये का बजट शासन ने आवंटित किया है। इससे बांध से नदी के अंदर की ओर स्पर का निर्माण होगा।
हर साल बरसात के मौसम में नेपाल स्थित बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी उफान पर आ जाती है, जिससे करीब 150 से 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। आपदा प्रबंधन की नीतियों के अनुसार इस बार समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। रामनगर के गनेशपुर से लेकर चहलारीघाट तक बना तटबंध करीब 54 किमी 600 मीटर लंबा है। यह तटबंध बाराबंकी और सीतापुर जिले के 200 से अधिक गांवों को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है। बरसात से पहले इसे और अधिक मजबूत करने का कार्य तेजी से चल रहा है। शासन ने तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी संख्या 31.800, 32.480 और 32.900 पर स्पर (कटाव रोधी संरचनाएं) निर्माण की योजना को स्वीकृति दी है।
इस परियोजना पर कुल 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 10.97 करोड़ की धनराशि शासन स्तर से दो मई को जारी कर दी गई है। प्रस्तावित स्पर सरयू नदी के अंदर तक बनाए जाएंगे, जिससे तटबंध को कटाव से बचाया जा सकेगा। अधिशासी अभियंता बाढ़, शशिकांत सिंह ने बताया कि बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बसंतपुर पत्रा गांव में संभावित कटान को रोकने के लिए परक्यूपाइन स्टड का निर्माण कराया जा रहा है। पूरे बांध का निरीक्षण जारी है, जहां भी मरम्मत लायक कार्य होगा, उसे समय रहते पूरा कराया जाएगा।