बांदा। छह वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के जुर्म में पड़ोसी 22 वर्षीय युवक को अदालत ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया। इसे अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को यह सजा पॉक्सो एक्ट-6 के अंतर्गत सुनाई है। घटना 16 माह पूर्व की है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 24 जून 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी छह वर्षीय बेटी बकरी लेकर आ रही थी। रास्ते में 22 वर्षीय युवक मिल गया और टीवी देखने के बहाने उसे अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया। बेटी को ढूंढते हुए वह आरोपी के घर पहुंची तो युवक जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 376, 506 व 5/6 पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
164 सीआरपीसी के तहत अदालत मे बालिका के बयान हुए। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामसुफल सिंह ने चार गवाह पेश किए।
शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अपर जिला जज ने आरोपी भरत आरख पुत्र गजराज को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
पॉक्सो एक्ट-6 में 20 वर्ष की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माना किया। घटना के समय से ही अभियुक्त जेल में हैं। न्यायालय ने अपने 13 पृष्ठीय आदेश में यह भी कहा है कि पीड़ित मुआवजा योजना की धारा 357-ए के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शासन से पीड़िता को मुआवजा दिलाए। साथ ही इस आदेश के अनुपालन की कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराए।