बांदा/बदौसा। युवती ने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, अलग-अलग घटनाओं में बीमारियों से परेशान एक ने ट्रेन से तो दूसरे ने कुएं में कूदकर जान गवां दी।
बदौसा थाना क्षेत्र के दुबरिया गांव के मजरा महुराई गांव में सुरेंद्र पटेल की पत्नी निर्मला (24) का शव बुधवार को सुबह देवर महेंद्र और छोटू ने फांसी पर टंगा देखा। देवरों ने पड़ोसियों की मदद से शव को फंदे से उतारा। खबर पाकर गांव आए पुलिसकर्मियों ने पड़ोसियों और परिजनों से घटना की जानकारी ली और पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटना के वक्त पति समेत सास, ससुर व मृतक का दो वर्षीय पुत्र शिवम चुआखेरवा (सतना) निमंत्रण पर गए थे। पति आत्महत्या की वजह नहीं बता सका। चित्रकूट जनपद के बड़ी मडै़य्यन निवासी पिता चुन्नाराम ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व मृतका अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने के बाद 10 मई को मायके से लौटी थी।
आत्महत्या की वजह उसे नहीं पता। सात पूर्व उसका विवाह हुआ था। थानाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह ने बताया कि परिजनों ने आत्महत्या की तहरीर दी है। उधर, गिरवां थाना क्षेत्र के शिवहद गांव निवासी रामकिशन रैदास के पुत्र चंद्रपाल (44) मंगलवार को शाम परिजनों से शौच की बात कहकर घर से निकल गया। देर तक उसके न लौटने पर घर वालों ने तलाश की। पर कुछ पता नहीं चला। बुधवार को सुबह उसका शव घर से ढाई किलोमीटर दूर खुरहंड स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास रेलवे ट्रैक पर कटा मिला। मृतक के भाईरामखिलावन ने बताया कि पेट की बीमारी से परेशान होकर उसने ट्रेन से कटकर जान दे दी। मृतक अपने पीछे पत्नी समेत तीन पुत्र व एक पुत्री छोड़ गया है। दूसरी घटना में गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी रामबहोरी कुशवाहा के 24 वर्षीय पुत्र प्रमोद उर्फ लाला ने बुधवार को तड़के घर के नजदीक स्थित कुएं में छलांग लगा दी। परिजनों ने जब तक उसे कुएं से बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से बीमार था। आगरा में उसका इलाज चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व वह आगरा से लौटा था।