बांदा। ससुराल में युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह सुसाइड नोट छोड़ गई है। इसमें कहा गया है कि उसकी मासूम इकलौती पुत्री को उसके मां-बाप को सौंप दिया जाए। उधर, अलग-अलग घटनाओं में किशोरी व युवती ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव निवासी सलमा (23) पत्नी उवैश ने शुक्रवार की रात सूने घर में फांसी लगा ली। ससुर शमीम खां निर्माणाधीन नवीन मंडी में चौकीदार है। शनिवार को सुबह वह घर गया तो दरवाजे बंद थे। छोटी खिड़की तोड़कर अंदर गया तो सलमा का शव फांसी पर टंगा देखा। शमीम ने बताया कि पुत्र उवैश कोल्हापुर (महाराष्ट्र) में काम करता है। वहीं पर तीन साल पहले उसने सलमा से शादी कर ली थी। सलमा एक पैर से विकलांग थी। उवैश ईद पर गांव आया था और पत्नी को यहीं छोड़ गया था। मृतका के डेढ़ साल की एक पुत्री है। थानाध्यक्ष उमापति मिश्र का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसी के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
उधर, शहर के अलीगंज मोहल्ला निवासी भूरी (14) पुत्री राजकिशोर ने शनिवार को सुबह घर में जहर खा लिया। एक अन्य घटना में शहर कोतवाली क्षेत्र के डिंगवाही गांव निवासी सुनीता (25) पत्नी ओमप्रकाश ने ससुराल में जहर खा लिया। घटना के पीछे घरेलू कलह बताई गई। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।