बांदा। राजकीय महिला डिग्री कालेज में शनिवार को योग
विषयक कार्यशाला हुई। महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक और कार्यक्रम
समन्वयक डा. जेबा खान ने कहा कि योग पूर्ण विज्ञान और चिकित्सा पद्धति है।
इसमें जाति, धर्म, मजहब या संप्रदाय कहीं आड़े नहीं आता। योग इंसान को
सकारात्मक चिंतन के रास्ते पर लाने की कला है।
प्राध्यापक डा.
रामनारायण ने कहा कि यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान
और समाधि योग के आठ अंग हैं। इनका पालन किये बगैर कोई रोगी ठीक नहीं हो
सकता। डा. सबीहा रहमानी ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए योग जरूरी है।
डा.
दीपाली गुप्ता ने सुस्वास्थ्य को संपूर्ण सुखों का आधार बताया। प्राचार्य
प्रभा श्रीवास्तव ने कहा कि योग से ही शारीरिक स्वास्थ्य, बौद्धिक जागरण और
मानसिक शांति मिलती है।
कार्यशाला में डा.लक्ष्मी किशोर, डा.
प्रेमलता, सुमन निगम, डा. मीना कुमारी, डा. रजनी भार्गव, डा. शशिभूषण
मिश्र, डा. पंकज सिंह, डा. माया वर्मा, ज्योति मिश्रा, राकेश शर्मा, सुशील
यादव और दाऊद अहमद आदि उपस्थित रहे।