पीले वस्त्र व पुष्पों से वसंत पंचमी का स्वागत किया गया। सुबह से मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। शिवलिंग का भव्य शृंगार और आरती हुई। विद्या की देवी मां सरस्वती की बच्चों ने आराधना की। स्कूल-कॉलेजों में खासकर विविध आयोजन हुए। उधर कमासिन में 15 दिवसीय जमरेहीनाथ मेला शुरू हो गया।
शनिवार को ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं में वसंत पंचमी पर्व का उल्लास कम नहीं रहा। बांबेश्वर मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक करने वालों का तांता लगा रहा। बेल पत्र, धतूरा, मदार पुष्प, बेर आदि अर्पित किया।
संकट मोचन, महेश्वरी देवी, काली देवी, मरही माता, कालका देवी, महामाई, शिव मंदिर कटरा समेत सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माथा टेका। उधर, सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज केन पथ में प्रधानाचार्य अमिता सिंह ने कॉलेज स्टाफ व छात्राओं के साथ यज्ञ कुंड में आहुतियां देकर सरस्वती पूजन किया।
संत तुलसी पब्लिक स्कूल में प्रबंधक संत कुमार गुप्ता, मीना गुप्ता, श्रद्धा गुप्ता, महिमा गुप्ता, श्वेता गुप्ता और सरजू गुप्ता आदि ने वसंत पंचमी का महत्व बताया।
पंडित जेएन महाविद्यालय में प्राचार्य डा.एनएल शुक्ल ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन किया। गोष्ठी में ‘बौरे लगीं अमराई, देती आहट फागुन की’ गीत गाया। शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ.रमेश शुक्ल, डॉ.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ने गीत व गजल पढ़ी।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, मढ़ी दाई मंदिर व अद्भुत शिव मंदिर में जलाभिषेक व पूजन के बाद अबीर चढ़ाई और नारियल का प्रसाद वितरित किया। तमाम श्रद्धालुओं ने भंडारा व कन्या भोज के आयोजन किए।
नरैनी प्रतिनिधि के अनुसार, घसराउट (गुढ़ा) गांव के शिव मंदिर में अखंड रामायण समापन पर भंडारा हुआ। एसडीएम सुधीर कुमार, सपा नेता भरतलाल दिवाकर और अवधेश सिंह ने गरीब-असहायों को कंबल बांटे। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शिवबली सिंह चंदेल, दिलीप सिंह, सुधीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार, गौरा बाबा धाम में शिव के जलाभिषेक को दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कमासिन प्रतिनिधि के अनुसार, जलाभिषेक व हवन-पूजन के साथ एक पखवारे तक चलने वाला जमरेही नाथ मेला शुरू हो गया। ग्रामीण व दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।