बांदा। लगातार हो रही बारिश के बीच यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। 18 घंटे में यमुना करीब डेढ़ मीटर चढ़ गई।
वहीं पैलानी तहसील के सिंधनकला में केन नदी का पानी बढ़ने से तुरी नाला का रपटा जलमग्न हो गया। इससे सिंधनकलां समेत करीब एक दर्जन गांवों और मजरों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासन ने मौके पर पुलिस पिकेट लगाकर निगरानी बढ़ा दी है और नाव से आवागमन करने वालों को लाइफ जैकेट पहनने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर 91 मीटर था। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक यह बढ़कर 92.48 मीटर पहुंच गया। यानी 18 घंटे में जलस्तर 1.48 मीटर बढ़ा। इस हिसाब से यमुना का पानी औसतन करीब 8.2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा।
यमुना का चेतावनी बिंदु 99 मीटर और खतरे का निशान 100 मीटर है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
इसके विपरीत केन नदी का जलस्तर लगभग स्थिर बना हुआ है। बृहस्पतिवार को केन का जलस्तर 97.40 मीटर था, जो शुक्रवार को 97.72 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 32 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। केन का चेतावनी बिंदु 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर है।
तुरी नाला का रपटा डूबा, एक दर्जन गांवों का संपर्क कटा
पैलानी। तहसील के सिंधनकला गांव के नीचे बह रही केन नदी में पानी बढ़ने से तुरी नाला का रपटा जलमग्न हो गया। इससे सिंधनकला के अलावा सिंधन खुर्द, तगड़ा डेरा, पंडवन डेरा, बेलहटी डेरा, वेसन डेरा, गुरगंवा, लसड़ा, बसधरी, पचकौरी, अदरी और रामदयाल का डेरा समेत करीब एक दर्जन गांवों का आवागमन बंद हो गया।
एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार को तुरी नाला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोगों को पानी के बीच से निकलने का जोखिम न उठाने की चेतावनी दी। मौके पर पुलिस पिकेट लगाकर निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों के लिए नाव की व्यवस्था है, लेकिन नाव से आने-जाने वालों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। नाविकों को भी क्षमता के अनुसार सीमित संख्या में लोगों को ही नाव से पार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम ने बताया कि ऊपर से नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों से किसी भी तरह का खतरा मोल नहीं लेने को कहा गया है। बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने की हिदायत दी गई है।
यमुना की बाढ़ ज्यादा बनती है मुसीबत
प्रशासन यमुना और केन के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों में चिंता बढ़ गई है। यमुना में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर बांदा-ललौली मार्ग तक प्रभावित होने की आशंका रहती है। लगातार बारिश के कारण आगामी दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।