बिजली विभाग वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को उनके कक्ष में ढिलाई पर चेतावनी देते विधायक विवेक सिंह।
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बांदा। मुख्यमंत्री द्वारा बुंदेलखंड को 24 घंटे भरपूर बिजली के बाद भी पावर कारपोरेशन के अभियंताओं की लापरवाही से इन दिनों बिजली का जबरदस्त संकट है। इससे खफा विधायक विवेक कुमार सिंह बुधवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय जा धमके और जमकर खरीखोटी सुनाई। आरोप लगाया कि बांदा शहर की बिजली दुरुस्त करने के लिए आए 60 करोड़ रुपये में 75 फीसदी पैसा डकार लिया गया।
सूखा घोषित होने के बाद 24 घंटा बिजली की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। साथ ही रमजान माह शुरू होने पर कटौती न किए जाने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन मुख्यमंत्री के ये आदेश पावर कारपोरेशन के आगे बौने पड़ गए हैं। मंडल मुख्यालय समेत गांवों में भीषण बिजली का संकट है। अधिशासी अभियंता डीएस राजपूत के कार्यालय पहुंचे विधायक ने कहा कि मंडल मुख्यालय को 13 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही।
उन्होंने अधिशासी अभियंता से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं। विधायक ने कहा कि बांदा प्रशासन के अधिकारी ठंडे कमरों में बैठकर फर्जी दौरे दिखा रहे हैं। संकट मोचन और कालूकुआं फीडर के लिए जमीन नहीं उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इसके लिए आया बजट 31 मार्च 2017 को लैप्स हो जाएगा।
विधायक ने कहा कि 2013-14 में अपने प्रयासों से बांदा शहर के लिए आरएपीडीआरपी के तहत 60 करोड़ रुपये स्वीकृत कराकर लाए थे। इससे शहर में बिजली के खंभे लाइन और छोटे ट्रांसफार्मर लगाए जाना थे। कानपुर की कंपनी एसपी ब्राइट लाइट्स को ठेका दिया गया था। आरोप लगाया कि कंपनी और अधिकारियों ने मिलकर 60 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया।
सिर्फ 25 फीसदी काम कराकर 75 फीसदी पैसा डकार गए। उन्होंने कहा कि वह मंडलायुक्त को इस घोटाले की जांच और कार्रवाई के लिए पत्र भेजेंगे। विधायक ने अधिशासी अभियंता समेत बिजली विभाग अभियंताओं को चेतावनी दी है कि फाल्ट के नाम पर दिन रात बार-बार बिजली बंद रखने का तमाश बंद करें, वरना चौराहे में खबर लेने से परहेज नहीं करेंगे।