बांदा। कमासिन थाना क्षेत्र में होम क्वारंटीन पर चल रहे प्रवासी मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पांच दिन पहले ही महाराष्ट्र से लौटा था। मजदूर महाराष्ट्र में स्टील फैक्टरी में काम करता था और विशेष श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर लौटा था। उधर, एक किशोरी और दो अन्य युवतियों ने जहर खा लिया। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुसीवां गांव निवासी सुनील उर्फ मंजा (18) पुत्र रामकरन अभी हाल ही में महाराष्ट्र से विशेष श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर आया था। मंजा महाराष्ट्र की एक स्टील फैक्टरी में काम करता था। घर लौटने के बाद वह होम क्वारंटीन था और पास ही स्थित पशुबाड़े के कमरे में अलग रहकर क्वारंटीन अवधि पूरी कर रहा था।
बृहस्पतिवार की रात उसने बाड़े में किसी समय अटारी पर रस्सी से फांसी लगा ली। शुक्रवार को सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा। पिता ने बताया कि सुनील महाराष्ट्र से आने के बाद से गुमसुम था। आत्महत्या की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पा रही।
उधर, एसओ ओंमकार सिंह ने बताया कि घटना की रात बाबा ने सुनील से परदेस में रहकर दो साल की कमाई के बारे में पूछा तो वह रोने लगा। बोला, उसके पास कुछ नहीं है।
बाबा ने सलाह दी कि परदेस न जाकर अब गांव में ही खंती खोदो। शायद यही बात उसे नागवार गुजरी और आत्महत्या कर ली। उधर, शुक्रवार की सुबह तिंदवारी के सिंधौली गांव में कविता (17), देहात कोतवाली के फतपुरवा में आशना (20) और गिरवां थाना क्षेत्र के बनसखा गांव में पूजा (18) ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।