बांदा। जिला सेवा विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में वृद्धा आश्रम में महिला सशक्तिकरण विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। रिसोर्सपर्सन प्रियांग्दा सिंह ने कहा कि महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की मदद ले सकतीं हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा विधिक सेवा प्राधिकरण ने 15 दिवसीय विशिष्ट लीगल लिटरेसी कैम्पेन के निर्देश दिए हैं। महिलाओं की सामुदायिक सहभागिता से इस लक्ष्य को प्राप्त करके महिलाओं को सबल, सशक्त और जागरूक बनाया जा सकता है।
उन्होंने संविधान में महिलाओं को परिवार की चल और अचल संपत्ति में मिलने वाले हक के बारे में विस्तार से बताया। रिसोर्सपर्सन अधिवक्ता कविता अमन ने वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम की जानकारी दी।
काउंसलर डॉ. जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं को कानून की जानकारियां सरल रूप से समझाईं जानी चाहिए। महिलाएं काउंसिलिंग के द्वारा कम समय में बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी समस्या का समाधान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से करा सकतीं हैं।
शिविर की अध्यक्षता प्राधिकरण सचिव गरिमा सिंह ने की। वृद्धाश्रम प्रबंधक श्याम किशोर त्रिवेदी ने आभार जताया। नासिर अहमद, मनीष कश्यप, रमेश पाल इत्यादि उपस्थित रहे।
जेल में पहली ई-लोक अदालत में 6 केस निपटे
बांदा। जिला कारागार में बुधवार को ई-लोक अदालत में बंदियों के मुकदमों की सुनवाई हुई। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से यह पहली ई-लोक अदालत थी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित ई-लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने सात मुकदमों का अभियुक्तों द्वारा जुर्म स्वीकार कर लेने के आधार पर निस्तारण कियाञ इनमें 6 बंदी लाभान्वित हुए। एक मुकदमे का निस्तारण नहीं हो सका।