बांदा। एक माह का गर्भ खराब होने से गर्भवती की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे अतर्रा सीएचसी में दिखाया तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में पहुंचने से पहले गर्भवती ने दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के महुटा गांव निवासी सतरूपा (27) एक माह के गर्भ से थी। सोमवार की देर शाम उसके पेट में अचानक मरोड़ उठने से उसका गर्भपात हो गया, जिससे ब्लीडिंग अधिक होने से उसकी हालत बिगड़ गई। पति रामकृपाल ने उसे अतर्रा सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया।
पति ने बताया कि वह खेतिहर मजदूर है। पत्नी के एक माह का गर्भ था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। उधर, घुराने का पुरवा निवासी मृतका की मां राजकुमारी ने बताया कि पिता रमेश की मृत्यु हो चुकी है। दामाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में शादी हुई थी। उसके दो पुत्र हैं। अतर्रा कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पति ने गर्भ खराब होने की बात बताई है।