बांदा। डेढ़ दशक बाद बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट पर एक बार फिर महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। समाजवादी पार्टी की कृष्णा पटेल से पहले एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा ने महिला प्रत्याशी को टिकट दिया था। वर्तमान में करीब 48 फीसदी वोट महिलाओं का है, ऐसे में दूसरी पार्टियों के सूरमाओं के माथे की लकीरें गहरी हो गई हैं।
बुंदेलखंड की चारों लोकसभा सीटों पर आधी आबादी का खासा दखल है। इनके बिना कोई भी प्रत्याशी सांसद बनकर दिल्ली तक नहीं पहुंच सकता। इसके बाद भी किसी भी राजनैतिक दल ने महिलाओं को टिकट देने में दिलेरी नहीं दिखाई। सपा से पहले यह काम 1962 में पहली बार कांग्रेस ने किया था। पार्टी ने बांदा लोकसभा से सावित्री निगम को टिकट दिया और वह जीती भी थीं। इसके बाद 2009 में भाजपा ने अमिता बाजपेयी को टिकट देकर दांव खेला, लेकिन वह चुनाव हार गई। इसके बाद किसी महिला प्रत्याशी पर कांग्रेस, सपा, बसपा व भाजपा ने दांव नहीं खेला।
डेढ़ दशक बाद सपा ने पूर्व मंत्री शिवशकर पटेल की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कृष्णा पटेल को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर अन्य सियासी खेमों में खलबली मचा दी है। कई समीकरण भी गड़बड़ा गए हैं।
बांदा लोकसभा पर विधानसभावार वोटर
विधानसभा
महिला
कुल वोटर
तिंदवारी 1,46,822
3,22,577
बबेरू
1,54,134
3,43,295
नरैनी
1,60,272
3,49,286
बांदा
1,44,267
3,13,181
चित्रकूट
1,78,474
3,84,145
मानिकपुर
1,63,019
3,49,947
योग
9,46,988
20,62,431