फोटो - 03 पेट्रोल पंप में बिना हेलमेट फ्यूल भराने आने पर बाइक सवार को हिदायत देते पीटीओ रामसुमे
बांदा। नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान के तहत संभागीय परिवहन विभाग ने खूब मेहनत की, लेकिन अभियान परवान नहीं चढ़ सका। इसमें कहीं न कहीं पेट्रोल पंप संचालकों ने परिवहन अधिकारियों को झटका दिया। पांच लाख रुपये का चालान दोपहिया वाहनों पर किया जा चुका है। वाहन स्वामी जुर्माना भरेंगे, लेकिन हेलमेट लगाना अपनी आदत में शामिल करने को तैयार नहीं।
शासन के निर्देश पर संभागीय परिवहन विभाग ने पहली सितंबर से 30 तक नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान शुरू किया था। 30 दिन के इस अभियान में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने तय किया था कि लोगों को हेलमेट लगाने के लिए बाध्य करेंगे। जिससे आए दिन होने वाले हादसों में मौत के ग्राफ को नीचे लाया जा सके, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों ने सहयोग नहीं किया। बिक्री न प्रभावित हो इसके लिए ईंधन भराने के दौरान पंप पर हेलमेट दिया जाने लगा। इस जुगाड़ ने परिवहन विभाग की योजना को पलीता लगाने का काम किया है।
संभागीय परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी रामसुमेर यादव ने बताया कि अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। 28 सितंबर तक पांच लाख रुपये का चालान हेलमेट न लगाने पर दोपहिया वाहनों का किया जा चुका है। यह सभी जुर्माना भरेंगे भी, लेकिन हेलमेट लगाने के लिए यहां के लोग तैयार नहीं हैं।
तीन दिन पूर्व डीएम ने पेट्रोल पंप संचालकों को दिए थे निर्देश
बांदा। नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान अंतिम दौर में है। अभी हाल ही में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों के सहयोग न करने की वजह से नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान परवान नहीं चढ़ सका। जिलाधिकारी जे. रीभा ने पेट्रोल पंप संचालकों को सहयोग के निर्देश दिए, पेट्रोल पंप संचालकों ने भी सहयोग का आश्वासन संभागीय परिवहन विभाग को दिया, लेकिन अफसोस की बात है कि अब कोई भी कारगुजारी इस अभियान को सफल नहीं बना सकती। यह दावा संभागीय परिवहन विभाग के यात्री व माल कर अधिकारी रामसुमेर यादव खुद कर रहे हैं।