नरैनी (बांदा)। चित्रकूट में अधिक और बांदा में कम क्यों निकल रहे हैं, कोरोना वायरस के रोगी? चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर और डीआईजी ने यहां एल-1 कोविड-19 अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से सवाल किया। साथ ही जांच की प्रक्रिया देखी। फिर चिकित्सकों को समूह के साथ सुरक्षित रहकर काम करने की सलाह दी।
कमिश्नर गौरव दयाल और पुलिस उपमहानिरीक्षक दीपक कुमार ने अस्पताल प्रभारी डॉ. बीएस राजपूत और मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष कुमार से पूछा कि बांदा के मुकाबले चित्रकूट में ज्यादा रोगी क्यों मिल रहे हैं? क्या जांच में कोई टेक्निकल कमी हो रही है? इस पर डॉ. राजपूत ने लैब टेक्नीशियन के साथ यहां क्वारंटीन रहे रोगियों का स्वैब मुंह और नाक से निकाल कर दिखाया। बताया कि चित्रकूट के सैंपल प्रयागराज और बांदा के सैंपल झांसी भेजे जाते हैं। वहीं से सैंपल की रिपोर्ट आती हैं और इसके बाद संक्रमित मरीज का पता चल पाता है।
उन्होंने बताया कि 11 रोगी अस्पताल में क्वारंटाइन हैं। 9 जून को 62 रोगियों का स्वाब टेस्ट जांच के लिए भेजा गया। क्वारंटाइन रोगियों में एक हड़हा गांव का 45 वर्षीय रोगी पहले पॉजिटिव था लेकिन हाल की उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने अस्पताल की सफाई और व्यवस्थाएं देखीं। उनके साथ में कोतवाली प्रभारी गिरेंद्र सिंह भी रहे।