बांदा। रोम रोम खिले नाम से जिसके, प्रेम करे जो कान्हा उसके, रोम रोम खिले नाम से जिसके, प्रेम करे जो कान्हा उसके...। भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। छठी के मौके पर पूजन कर मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने कान्हा को खीर खिलाई। कड़ी चावल का प्रसाद वितरित किया। कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिसमें बच्चों की भी भागीदारी रही।
शहर में अयोध्यावासी मंदिर में सुबह से ही सजावट शुरू हो गई। कान्हा को नए कपड़े के साथ सजाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में आयोजन हुए। संरक्षक राज कुमार राज व अध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी। महिलाओं ने छठी के गीत गाए और भजन कीर्तन गाया गया। इसके साथ ही पुलिस लाइन के बांके बिहारी मंदिर, मंडलीय जिला कारागार, राम जानकी मंदिर, बांबेश्वर मंदिर के पास राधा कृष्ण मंदिर में भी छठी पर कार्यक्रम हुए।
खप्टिहाकलां के नई बस्ती स्थित कूबत बाबा के स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के छठी कार्यक्रम को धूमधाम से मनाया गया। झांकी सजाई गई और बच्चों ने भी कान्हा और राधा रूप लिया और जमकर मस्ती की। कार्यक्रम में अध्यक्ष आरपी चक्रवर्ती आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में कानपुर से आए कलाकारों ने प्रस्तुति दीं। इस दौरान मयूर नृत्य, बाल लीला आदि कार्यक्रम हुए।
कमासिन में श्री सिद्धिदात्री विंध्यावासिनी देवीजी के रामलीला मंच पर कृष्ण जन्मोत्सव की सुंदर झांकी सजाई गई। यहां छह दिनों तक प्रति दिन शाम को आठ से 12 बजे तक क्षेत्र के कलाकारों के माध्यम से भजन, लोकगीत, कृष्ण भजन का कार्यक्रम हुआ। यह मंगल जन्मोत्सव नवयुवक दल खत्री पहाड़ देवी समिति के द्वारा किया गया। कमेटी के अध्यक्ष राजाबाबू शुक्ला ने बताया की चित्रकूट पैदल चलकर जा रहे श्रद्धालुओं के लिए तीन दिवसीय भंडारा भी आयोजित किया गया है। इस दौरान प्रमोद शुक्ला, रवि अग्निहोत्री, दिवाकर, देवीदिन कुशवाह, विनय तोमर, विक्रम मौजूद रहे।