खुरहंड में रामकथा सुनतीं महिलाएं।
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खुरहंड में चल रही रामकथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथा वाचक और तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि जो राम का भक्त नहीं है, वह कदापि मेरा नहीं हो सकता। इसीलिए मैंने कभी कांग्रेस का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि भगवान की महिमा को सुनकर गाना और फिर चिंतन करना चाहिए। उनके दर्शन की अभिलाषा रखनी चाहिए।
रामभद्राचार्य ने कहा कि रामकथा सुनकर अंदर जो भाव प्रकट होते हैं और आंसू निकलते हैं, उनसे पाप धुल जाते हैं। श्रोताओं से कहा कि सभी के घर में रामायण होनी चाहिए। इसी से हिंदू धर्म का कल्याण है। कथावाचक ने राम जन्म का भी विस्तृत वर्णन किया। कीर्तन-भजन भी गूंजे। कथा की शुरुआत में मेजबान विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनकी पत्नी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी ने जगद्गुरु की चरण पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर बल्लभ कुंज से आए संत समाज के मंसाराम महाराज, भूषण शरण, बल्लू शरण, शिवराम शरण, कमलेश नामदेव, रमाकांत, भागवत कथा वाचक माधुरी पाठक समेत व्यापारी नेता संतोष गुप्ता, डीडीसी राजभवन उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश द्विवेदी, पुरुषोत्तम पांडेय, कौशल किशोर, जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी संतोष त्रिपाठी भी मौजूद रहे।