बांदा। आदर्श आचार संहिता और धारा 144 लागू होने के बावजूद सोमवार को भाजपाइयों ने न सिर्फ कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया, बल्कि डीएम के कक्ष में भी पहुंच गए। बोले, कहां हैं भइया डीएम साहब बुलाइए।
भाजपाइयों का आरोप था कि दो दिन पूर्व मैनपुरी में चुनावी सभा के दौरान पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने महाराणा प्रताप के साथ-साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसको लेकर भाजपाइयों ने सोमवार को प्रदर्शन करने के बाद डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान भाजपाइयों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। भाजपा का रवैया सभी के लिए चौंकाने वाला था, मगर प्रशासन के अधिकारी मौके पर कुछ नहीं बोले।
बता दें कि सोमवार को नामांकन पत्रों के नाम वापसी की तिथि थी। जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल व उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार नामांकन कक्ष में थे। इसी बीच कलक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था और बैरियरों पर लगी पुलिस से नोकझोंक करते हुए भाजपाई कलक्ट्रेट में घुस गए। कलक्ट्रेट पहुंचते ही भाजपाई अफसरों से बोले कहा हैं डीएम, इतना कहते हुए डीएम के चेंबर में घुस गए। पुलिस ने रोका तो उन्हें भी किनारे कर दिया।
भाजपाइयों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। बताया कि मैनपुरी में महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। सपा प्रमुख सहित अन्य सपाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। सपाई देश से इस कृत्य के लिए सार्वजनिक माफी मांगे।
भाजपाइयों ने पुलिस की भी एक न सुनी
पुलिस अधीक्षक के सामने लगे बैरियर पर पुलिस ने भाजपाइयों को रोका और आदर्श आचार संहिता और धारा 144 लागू होने का हवाला दिया, लेकिन भाजपाई पुलिस से ही भिड़ गए और धक्का देकर अंदर घुस गए। कलक्ट्रेट में लगी पुलिस ने रोका तो तेजी के साथ डीएम के चेंबर में घुस गए।
पहले रोका नहीं बाद में बुलाई पुलिस
आदर्श आचार संहिता व धारा 144 लागू होने के बावजूद भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। पहले तो प्रशासन मूक बना रहा। जब भाजपाई वापस चले गए तो प्रशासन को आदर्श आचार संहिता याद आई और पुलिस फोर्स कलक्ट्रेट परिसर में बुला ली गई। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया।
नामांकन प्रक्रिया में पहली बार गूंजे नारे
पिछले कई चुनावों से कलक्ट्रेट परिसर खामोश ही रहा है। चुनाव आयोग के खौफ के चलते प्रत्याशी अभी अपने प्रस्तावकों संग खामोशी से नामांकन कराकर निकलते रहे हैं। सालों बाद प्रक्रिया के दौरान सत्ताधारी पार्टी की ओर से नारेबाजी सुनाई दी है।
यह हैं धारा-144 के नियम
-तीन से अधिक लोग एक साथ नहीं निकल सकते हैं।
- कलक्ट्रेट सरीखे विशेष स्थानों पर झुंड के साथ आवाजाही पर रोक रहती है।
- किसी भी प्रकार का हथियार रखने में पाबंदी।
- रैली, जुलूस, प्रदर्शन, आंदोलन, सार्वजनिक समारोह पर रोक।
- लाउडस्पीकर पर पाबंदी।
- यहां तक कि इंटरनेट सेवाएं तक आमलोगों के लिए बंद कर दी जाती हैं।
वर्जन...
भाजपाई ज्ञापन देने आए थे और देकर चले गए। डीएम को ज्ञापन देने कोई भी आ सकता है। रही बात आचार संहिता उल्लंघन की तो जानकारी में नहीं है, यदि शिकायत मिलेगी तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, बांदा।