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Banda News: खत्म हुई यारी तो शुरू हुईं मुख्तार की बीमारी

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बांदा। जिला कारागार में माफिया मुख्तार की तकलीफें बीमारियों से नहीं बल्कि की जा रही सख्ती से अधिक बढ़ रही है। इसे जेल प्रशासन की मजबूरी भी कहा जा सकता है, जब चित्रकूट जेल में अब्बास व निखत कांड हुआ, तभी से बांदा जेल प्रशासन भी सकते में आ गया और मुख्तार पर सख्ती का शिकंजा कस गया। इसके बाद से मुख्तार की ओर से की गई कभी ब्लड प्रेशर तो कभी शुगर और कभी मोतियाबिंद की शिकायत अब खाने में जहर तक पहुंच गई है।
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बता दें कि 2022 में मुख्तार को पंजाय से यहां लाया गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में चित्रकूट में माफिया के बेटे और बहू का कांड हुआ। जिसके बाद से ही मुख्तार को बांदा जेल में मिलने वाली सुविधाओं पर भी ताला लग गया। कभी रमजान भर रोजा खोलते वक्त पूरे जेल परिसर में फल बंटवाने वाला मुख्तार अब खुद ही खिचड़़ी और नींबू पानी से इफ्तार कर रहा है। लगातार हो रही सख्ती और सजाओं के चलते वजन भी कम हो रहा है।
सबसे पहले उसने ब्ल़ड प्रेशर की शिकायत की, इसके बाद शुगर और मोतियाबिंद तक की शिकायत करते हुए कोर्ट से शिकायत की कि उसे जेल प्रशासन की ओर से सही इलाज नहीं दिया जा रहा है। उसे किसी दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। इस बावत जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा का कहना है कि मुख्तार की समय-समय पर जांच कराई जाती है। फिलहाल कोई गंभीर बीमारी नहीं है। घुटनों का दर्द उसकी बढ़ती उम्र के कारण है। नियमित उसे दवाई भी दी जा रही है।
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