बांदा। पिता द्वारा खर्चे के लिए रुपये न दिए जाने से क्षुब्ध मजदूर ने फंदा लगाकर जान दे दी।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के कुइयाकगर अंश साहपाटन गांव निवासी गोपाल दास (35) ने गुरुवार की रात रस्सी से पंखे के कुंडे से फंदा लगा लिया। गणतंत्र दिवस के दिन पिता रामजी खाना लेकर उसे जगाने गए तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उन्होंने दरवाजे के बगल से लगे जंगले को तोड़कर दरवाजा खोला तो गोपाल फंदे से लटका मिला।
चचेरे भाई राकेश ने बताया कि गोपाल सूरत में रहकर मजदूरी करता था। एक सप्ताह पहले वह गांव आया था। गुरुवार की रात पिता से खर्च के लिए पांच हजार रुपये मांग रहा था।
उसके पिता ने कहा था कि दो हजार रुपये सुबह दे देंगे। इसी बात से गोपाल ने जान दे दी। वह अविवाहित थे। दो भाइयों में बड़े थे। पिता के पास ढाई बीघा खेती है। घर में मां तुलसा देवी हैं। नरैनी कोतवाली अरविंद सिंह गौर ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। (संवाद)