बांदा। रमजान माह के आखिरी 10 दिनों (अशरा) में होने वाली शबे कद्र पर रातभर इबादतों का सिलसिला जारी है। शनिवार को 26वां रोजा खत्म होते ही 27वीं शब (रात) शुरू हो गई। शबे कद्र की पांच रातों में यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। सभी मस्जिदों में रात इबादतों में गुजारी गई। घरों में भी औरतों और बुजुर्गों ने इबादत की। उधर, शहर से 16 किलोमीटर दूर हथौरा गांव स्थित विश्वविख्यात मदरसा जामा अरबिया में भारी तादाद में लोग शबे कद्र में इबादत करने आए। शाम को यह सब इफ्तार से पहले ही यहां आ चुके थे। मस्जिद के विशाल परिसर में सामूहिक इफ्तार हुआ।
बांदा के अलावा कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, पन्ना, सतना आदि जिलों के लोग इनमें शामिल थे। मस्जिद में ही एतिकाफ पर बैठे मदरसा संचालक मौलाना कारी हबीब अहमद और उनके भाई मुफ्ती नजीब अहमद और मौलाना हसीब अहमद ने इन सभी का अगुवानी की। उधर, शहर में भी जामा मस्जिद, सरवर साहब की मस्जिद, हाथी खाना मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, ऊंट मोहाल, बलखंडी नाका, छावनी, छिपटहरी मस्जिद आदि में भी रात भर लोग जाग कर इबादतें करते रहे। अलीगंज हाथी खाना में वहां के युवाओं ने सामूहिक इफ्तार आयोजित किया। रविवार (3 जुलाई) को शहर के वरिष्ठ ट्रांसपोर्टर इरशाद हुसैन इफ्तार आयोजित कर रहे हैं।