सूखा, अतिवृष्टि और ओला जैसे दैवी आपदाओं में तबाह किसान कमजोर फसल और कर्ज का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका। खेत में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक किसान पर बैंक व साहूकारों का ढाई लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज था। पुत्री की शादी की भी चिंता थी।
मरका थाना क्षेत्र के पिंडारन गांव निवासी राम प्रकाश (60) पुत्र वासदेव शनिवार को सुबह फसल देखने खेत गया था। खेत में गेहूं और सरसों की फसल बेहद कमजोर देख वह मायूस हो गया और खेत की मेड़ में बैठ गया। काफी देर गुमशुम बैठने के बाद अचानक वह लड़खड़ाकर मेड़ से नीचे लुढ़क गया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने उसे उठाया और पानी के छींटे मारकर उसे होश में लाने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर आ गए। घर वाले आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भतीजे प्रभुदयाल ने बताया कि मृतक के तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। एक पुत्री को छोड़कर सभी अविवाहित हैं। मृतक के नाम सात बीघा जमीन है। पिछले साल बड़ी पुत्री की शादी के लिए तीन बीघा जमीन गांव के एक व्यक्ति को 60 हजार रुपये में गिरवी रखी थी। इसके अलावा साहूकारों का एक लाख और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, भभुवा शाखा से 1.50 लाख और स्टेट बैंक बांदा से 10 हजार कर्ज ले रखा है। दूसरी पुत्री की शादी की उसे चिंता सता रही थी।
कर्ज और कमजोर फसल से तनाव में था। उप जिलाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब मामले का पता चला है तो वह राजस्व कर्मियों को गांव भेजकर इसकी जांच कराएंगे। किसान की आर्थिक स्थिति देखी जाएगी। मदद के लिए हर संभव कोशिश होगी।