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जहां चुप रहना चाहिए वहां बोलते हैं हम : मौलाना अजहरी

Mon, 17 Nov 2025 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो - 01 दस्तार बंदी जलसा में बोलते हुए मौलाना अजहरी। संवाद
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बांदा। मदरसा जामिया रब्बानिया का जलसा दस्तार बंदी ( दीक्षा समारोह) भव्य आयोजन के साथ हुआ। देश के नामवर धर्म गुरु उलेमाओं और मुल्क के कई सूबों से आए हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की। मदरसा में मौलवी, हाफिज और कारी आदि का विभिन्न दीनी कोर्स पूरा करने वाले 150 तलबा (छात्रों) को पगड़ी बांधकर सनद और उपाधियां सौंपी गईं। तलबा ने देश की कई भाषाओं में संबोधन भी किया।
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मशहूर इस्लामी विद्वान सज्जादा नशीन (कछौछा शरीफ) मौलाना महमूद अशरफ जीलानी ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा हालात में पूरी दुनिया में शांति और आपसी प्रेम को बढ़ावा देने की जरूरत है।
भीलवाड़ा (राजस्थान) के काजी शहर मौलाना अशरफ जिलानी अज़हरी ने कहा कि जहां बोलना चाहिए वहां हम खामोश रहते हैं और जहां खामोश रहना हो वहां बोलते हैं। यह गलत है। मुफ्ती मौलाना नसीम अहमद मिस्बाही (मुबारकपुर) ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता मौलाना सैय्यद खुश्तर रब्बानी ने की। मदरसा के बानी (संस्थापक) मौलाना सैय्यद मजहर रब्बानी ( बड़े हज़रत) को श्रद्धांजलि दी गई। प्रबंधक मौलाना राशिद रब्बानी ने सभी का स्वागत किया। प्रधानाचार्य मौलाना डॉ. अबरार अहमद ने मदरसा की रिपोर्ट पेश की। शहर काज़ी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) , मौलाना अनवर रब्बानी, मौलाना सैय्यद शाहिद रब्बानी, सैय्यद आबिद रब्बानी आदि शामिल रहे।
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इनसेट-
पालिका ने सफ़ाई नहीं कराई, पुलिस ने बदसुलूकी की
जलसा दस्तार बंदी के भव्य आयोजन में नगर पालिका और पुलिस के रवैए से देश के विभिन्न भागों से आए लोगों को परेशान होना पड़ा। आयोजकों ने नाराजगी और अफ़सोस जताया है। शहर काज़ी मौलाना अकील मियां ने बताया कि कई बार अनुरोध के बाद भी आयोजन स्थल पर सफाई नहीं कराई गई। साथ ही जलसा में शामिल होने जा रहे बाहरी मेहमानों और स्थानीय लोगों को अतर्रा चुंगी चौराहे पर चौकी पुलिस ने रोककर बदसुलूकी की और वाहनों के चालान किए। संवाद
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