फोटो - 04 जरर गांव में योजना के तहत लगे नल से पानी की राह ताकते ग्रामीण। संवाद
खत्री पहाड़। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में बेहतर जलापूर्ति का प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। लचर विभागीय व्यवस्था से ग्रामीण परेशान हैं।
घरों में कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन जलापूर्ति नहीं कराई जा सकी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से पीने के लिए पानी ढोकर लाना पड़ता है। क्षेत्र के छनियापुरवा, जरर, मुरादपुर सहित अन्य गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाई गई थीं।
लगभग एक वर्ष पहले हुए कार्य में कनेक्शन के बाद नलों में टोटियां भी लगाई गईं। अधिकारियों ने जलापूर्ति का वीडियो बनाकर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली। वहीं, कई महीने बीत जाने के बाद दोबारा पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। नलों में लगी टोटियां अब धोखा दे रही हैं।
छनिया पुरवा के बुद्धविलास यादव और जरर के सीताराम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पानी का संकट दूर होने की आस थी। लेकिन सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं। भीषण गर्मी में लोगों को एक-एक किमी दूर से हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इसकी जांच कराकर समस्या दूर करने की मांग की है।