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Banda News: केन नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, रपटे डूबे

Sat, 22 Aug 2026 10:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो-22-केन नदी में पानी बढ़ने के बाद उठतीं लहरें। अमर उजाला
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बांदा। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बीच केन नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। कई रपटे डूब गए हैं।
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बृहस्पतिवार को 98.53 मीटर दर्ज किया गया जलस्तर शुक्रवार को घटकर 98.41 मीटर पहुंच गया था। वहीं शनिवार को फिर बढ़कर दोपहर तक 98.55 मीटर हो गया। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब साढ़े चार मीटर नीचे है।
लगातार बढ़ रही केन नदी अब चिंता का कारण बनने लगी है। जलस्तर बढ़ने से कनवारा, ब्रह्माडेरा, छावनी डेरा समेत केन किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर भी शनिवार को 91.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब आठ मीटर नीचे है। अधिकारियों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बारिश जारी रहने पर केन के जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी की आशंका है।
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सिंधनकलां के तुर्री नाला पर भी केन नदी का पानी मामूली रूप से रपटे तक पहुंच गया है। इससे स्थानीय स्तर पर आवागमन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।
पैलानी तहसील क्षेत्र में चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने से नांदादेव-पड़ोहरा रपटा जलमग्न हो गया है। इसके कारण डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं गौरीकलां-अमारा संपर्क मार्ग पर बना रपटा भी पानी में डूब गया है। अमारा, शिवरामपुर, कुटी डेरा, बरेहटा समेत अन्य गांवों के लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
पैलानी। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल केन नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। चंद्रावल नदी के बढ़े जलस्तर के कारण गौरीकलां-अमारा और पड़ोहरा-नांदादेव रपटे जलमग्न हैं। सिंधनकलां तुर्री नाला पर केन का पानी मामूली रूप से बढ़ा है।
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तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह ने बताया कि संभावित बाढ़ को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व और पुलिस विभाग समेत संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कोटेदार, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। (ब्यूरो)

एडवाइजरी : नदी-नालों के पास न जाएं

- जलस्तर बढ़ने पर रपटों और नालों से होकर न निकलें।
- पानी के तेज बहाव में पैदल, बाइक या ट्रैक्टर से पार करने का प्रयास न करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को नदी, नाले और जलमग्न रास्तों से दूर रखें।
- नाव से आवागमन करते समय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, अधिक लोगों को नाव में न बैठाएं।
- खेतों या निचले इलाकों में पानी बढ़ने पर सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।
- पशुओं को भी नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास न ले जाएं।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
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