बदौसा। बरछा, बदौसा और दुबरिया ग्राम पंचायतों में खारा भूजल ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या है।
ऐसे में जल निगम की पाइपलाइन ही पेयजल का एकमात्र सहारा है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में कम दबाव के चलते घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है। पूर्व में जल सत्याग्रह के बाद विभाग ने टीमें लगाईं, मगर अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई तकनीकी प्लान नहीं बन सका।
रफीक खान, संदीप, विनोद गुप्ता, मनोज समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर विभाग मोटर लगाए जाने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचता है। ग्रामीणों ने कहा कि मौके पर निरीक्षण करने के बजाय कर्मचारियों की भेजी तस्वीरों के आधार पर ही कागजों में जलापूर्ति दुरुस्त मान ली जाती है।
एक ओर ऊंचाई वाले मोहल्ले कम दबाव और अशुद्ध पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं बांदा-चित्रकूट-प्रयागराज हाईवे पर लीकेज से रोजाना हजारों लीटर साफ पानी बर्बाद होता है। ग्रामीणों ने विभाग से स्थाई समाधान और नियमित निगरानी की मांग की है।
इस संबंध में जल निगम के जेई मुकेश कुमार चौधरी ने कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों की तकनीकी दिक्कतें दूर कर जल्द सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।