जाम स्थल पर उपस्थित भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल।
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बांदा/चिल्ला। सादीमदनपुर गांव की बालू खदान को लेकर ग्रामीणों का विरोध खत्म नहीं हो रहा। रविवार को दूसरे दिन भी खदान को जाने वाली गांव की सड़क पर ग्रामीणों ने धरना देकर जाम लगाए रखा। बालू के ट्रक नहीं गुजरने दिए।
उधर, शाम को भारी पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे प्रभारी डीएम गंगाराम गुप्ता ने ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की। लेकिन वह नहीं मानें। प्रभारी डीएम ने चेतावनी दी है कि जाम शीघ्र खत्म नहीं किया तो ग्रामीणों के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी। उधर, ट्रकों को दूसरे रास्ते से निकाला जा रहा है। पोकलैंड मशीनों का भी रात में इस्तेमाल हो रहा है।
सादीमदनपुर बालू खदान हाल ही में शुरू हुई है। बताते हैं कि झांसी की किसी फर्म ने सबसे महंगी बोली लगाकर लिया है। उधर, खदान के लिए जाने वाली रास्ता लोमर गांव से होकर जाती है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि संकरी और बस्ती के बीच से ट्रक गुजरेंगे तो हादसे होंगे। सड़क भी चौपट होगी।
इसके विरोध में ग्रामीण धरना देकर ट्रकों को रोक रही है। इस बीच रविवार को शाम प्रभारी डीएम गंगाराम गुप्त भारी पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। जाम लगाए ग्रामीणों से वार्ता की। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। प्रभारी डीएम ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उधर, खदान में पोकलैंड मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है।
दिन में इन्हें आसपास के खेतों में खड़ा कर दिया जाता है। रात होते ही यह खनन शुरू कर देते हैं। अधिकारियों की इन पर नजर नहीं पड़ रही। उधर, नरैनी में एसडीएम और एआरटीओ ने संयुक्त अभियान चलाकर बालू के ओवरलोड 36 ट्रकों का चालान कर दिया।