बांदा। जिला अधिवक्ता संघ ने विरोध-आघात दिवस पर न्यायिक कार्य से विरक्त रहते हुए बार संघ सभागार में बैठक की। संघों की स्वायत्तता को समाप्त करने, मौलिक अधिकारों से वंचित करने, वकीलों की आवाज को दबाने के कुचक्र की निंदा की।
अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने कहा कि कौशम्बी, प्रयागराज, बबेरू समेत कई जिलों और तहसीलों में वकीलों की हत्या व जानलेवा हमला सहित फर्जी केस में फंसाने आदि की घटनाएं हुई हैं। पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर अधिवक्ता संघों की स्वायत्तता को समाप्त करने व अधिवक्ताओं को मौलिक अधिकारों से वंचित करने सहित वकीलों की आवाज को दबाने का कुचक्र रचा जा रहा है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
महासचिव रामप्रकाश ने कहा कि वकीलों की हड़ताल पर रोक लगाना अधिकारों का हनन है, जो न्यायोचित नहीं है। पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक अवस्थी, एजाज अहमद, अशोक त्रिपाठी जीतू, राजाभइया द्विवेदी, बल्देव प्रसाद, मीना देवी, चंद्रशेखर तिवारी, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।