बदौसा। नदी टोला बदौसा, बरछा-ब और दुबरिया में पेयजल संकट के विरुद्ध नेशनल हाईवे पर चल रहा जल सत्याग्रह मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
ग्रामीणों के समर्थन में राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग धरना स्थल पर पहुंचे और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। उधर, आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं 48 घंटे में पानी चाहिए।
मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य एवं सपा नेता मयंक द्विवेदी समर्थकों के साथ धरने में पहुंचे। उनके साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्यनारायण सोनकर, नगर अध्यक्ष राजा भइया यादव, राकेश यादव, व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष विजय यादव मौजूद रहे।
इनके अलावा ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष रामजस निषाद, संयोजक संतोष कुशवाहा, सह संयोजक शिवप्रसाद और भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला महामंत्री धर्मेंद्र खटीक सहित कई लोग मौजूद रहे।
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष शिवसागर पाण्डेय, संरक्षक आनंद स्वरूप गौतम, उपाध्यक्ष हरिशंकर दुबे, कार्यकारी अध्यक्ष रामस्वरूप पांडेय समेत पदाधिकारियों ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया।
समर्थन में पहुंचे नेताओं ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विमल वर्मा से फोन पर वार्ता कर प्रभावित बस्तियों में जल्द पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। आंदोलनकारियों के अनुसार, एक्सईएन ने जल्द जलापूर्ति की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष ने 48 घंटे के भीतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग रखी।
बोले-राजनीतिक मंच बता नहीं आए एक्सईएन
आंदोलनकारियों का आरोप है कि एक्सईएन ने पहले धरना स्थल पर आने की बात कही, लेकिन बाद में इसे राजनीतिक मंच बताते हुए आने से इन्कार कर दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी रही। इस दौरान प्राणनाथ सोनकर, विनोद गुप्ता, मनोज माहुले, संतोष कुशवाहा, मो. रफीक खां, जाहिद अली, जितेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बस्तियों में पानी पहुंचने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।