जसपुरा। शासन-प्रशासन से सहयोग न मिलने पर अन्ना प्रथा से निजात को किसानों और ग्रामीणों ने मिलकर खुद पहल की है। अस्थाई बाड़ा बनाकर 600 गायों को कैद कर दिया। ठंड से बचाने और चारा-भूसा का इंतजाम भी चंदे से किया गया है। ग्राम पंचायत जसपुरा के पुराने बस स्टैंड के पास बाड़ा में 600 अन्ना मवेशियों को रखा गया है। ठंड से बचाने के लिए पालीथिन से छाया की गई और किसानों व ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर चारा-भूसा का इंतजाम किया। अलाव का भी बंदोबस्त किया है। साथ ही 4 लोगों को जानवरों को चराने के लिए नियुक्त किया। यह व्यवस्था ग्राम प्रधान तोप सिंह (जसपुरा) समेत श्रीराम, देवेंद्र उर्फ मुन्ना, उमाशंकर अवस्थी, रविकांत अवस्थी, सुरेश सिंह, दुर्गा बाबा, रामदेव सिंह, जयनारायन, राजबहादुर सिंह आदि किसानों ने की। किसानों ने रोष जताया कि शासन-प्रशासन से मदद न मिलने पर ग्राम पंचायत द्वारा व्यवस्था करना पड़ी। 10 दिन पूर्व अन्ना मवेशियों से आजिज ग्रामीणों ने रामपुर स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में लगभग 300 गायों को बंद कर दिया था। लगभग चार दिनों तक गायों के कैद होने से स्कूल की पढ़ाई प्रभावित रही। अफसरों ने सांड़ी गांव में पशु आश्रय केंद्र जानवरों को भेजा, लेकिन वहां के प्रधान ने उन्हें वापस कर दिया था। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए अस्थाई गोशाला में ये मवेशी भी शामिल हैं।