स्कूल के विलय का विरोध करते ग्रामीण।
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अतर्रा। बच्चों की संख्या कम होने पर विद्यालय को अन्य विद्यालय से संबद्ध किए जाने की सूचना पर ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मर्जर को स्थगित न करने पर आंदोलन किया जाएगा। महुआ विकासखंड के अजीतपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को छात्रों की संख्या कम होने के कारण अन्य स्कूल में संबद्ध किया गया है। इसकी सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने शनिवार सुबह स्कूल के बाहर पहुंचकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और शासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यालय उनके घर के पास है। साथ ही बच्चे लंबे अर्से से यहां पढ़ रहे हैं। विद्यालय को अन्य विद्यालय से मर्ज करने पर बच्चों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय का भवन वर्ष 2022 में बना है और इसमें तीन कमरे, एक कार्यालय, रसोईघर सहित सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में स्कूल को बंद करना तर्कसंगत नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे विद्यालय समिति के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश तिवारी, ग्रामीण रामराज, कुलश्रेष्ठ नारायण, प्रमोद नारायण, रोहिणी, सुमन, आरती, बसंती, उमाकांत तिवारी, शुभम सहित अन्य लोगों ने कहा कि विद्यालय का विलय रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले को लेकर सपा मखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा है कि भाजपा के राज में लोग शिक्षा के लिए भिक्षा मांगने पर मजबूर हैं। भाजपाई क्या आईना नहीं देखते?