बांदा। लगातार हो रही बारिश से मंडल मुख्यालय बांदा और जिले के सैकड़ों गांव पानी-पानी हो गए। जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। 50 से ज्यादा मकान गिर गए और सैकड़ों मकानों में पानी घुस गया। सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में भी जलभराव से भारी नुकसान हुआ है। रोजमर्रा के काम ठप रहे। बांदा में 168.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
तड़के दो बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 8 बजे तक नहीं थमी। शहर के इक्का-दुुक्का मोहल्लों और सड़कों को छोड़कर हर जगह बाढ़ जैसे हालात हो गए। चिल्ला रोड स्थित 132 केवी सब स्टेशन में चारों तरफ पानी भर गया।
पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। सब स्टेशन से कुछ आगे भार्गव कोठी में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को बारिश से भारी नुकसान पहुंचा। दफ्तर के सभी कमरों में कई फीट पानी भर गया। लगभग 80 कंप्यूटर सेट, फर्नीचर, फाइलें, स्टेशनरी, जेनरेटर आदि डूब गए। प्रबंधक (विकास) सुरेशचंद्र जैन के मुताबिक लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
दीपशिखा कालोनी, शुकुलकुआं, सर्वोदय नगर, स्वराज कालोनी, धीरज नगर, अंबेडकर नगर, जेल रोड आदि में भी जगह-जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए। घरों में पानी घुस गया। गृहस्थी के सामान चौपट हो गए। बड़ी संख्या में बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पाए और स्कूल नहीं गए। सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव व एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह ने पहुंचकर जेसीबी से कई जगह खुदाई कराकर पानी का रास्ता बनाया। मर्दन नाका में अवस्थी पुल के पास नगर पालिका द्वारा खोद फेंके गए नाले में कटान और बढ़ गई। नगर पालिका ने यहां शनिवार को काम भी ठप रखा।
उधर, गांवों में भी बारिश के पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया। दर्जनों मकान धराशाई हो गए। उनमें रखी गृहस्थी व अनाज दबकर चौपट हो गई। मवई बुजुर्ग, पिस्टा, महोखर, पपरेंदा, तिंदवारी, करतल आदि गांवों में काफी तबाही हुई।
बबेरू में जमुनिहा पुरवा में जल भराव के बाद एसडीएम सुरेंद्र यादव पहुंच गए और औगासी मार्ग को जेसीबी से कटवाकर पानी निकलाया। कस्बे के कई इलाके जलमग्न रहे। नरैनी क्षेत्र में भी जगह-जगह जलभराव हुआ। तिंदवारी के संतोषी नगर में पानी भर गया। इन इलाकों में हर जुबान पर बारिश के थमने की कामना की जाती रही।