बांदा। गांव की सरकार ग्राम पंचायत भवन/मिनी सचिवालय से चलेगी। वीरान पड़े इन भवनों को फिर आबाद करने के लिए फिर शासन और प्रशासन ने जोर दिया है। शासन और मंडलायुक्त के निर्देशों का हवाला देकर डीएम आनंद कुमार सिंह ने इस बाबत आठ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक पखवाड़े के अंदर इनका अनुपालन करके आख्या मांगी है।
डीएम ने अपने निर्देशों में कहा कि गांवों में मिनी सचिवालय/ग्राम पंचायत भवन/डा. आंबेडकर सामुदायिक भवन आदि पहले से बने हैं। अब इन्हीं भवनों से ही ग्राम स्तरीय कार्य किए जाएंगे। डीपीआरओ, बीडीओ और एडीओ पंचायत को यह जिम्मेदारी दी गई है।
डीएम ने कहा कि हरेक मिनी सचिवालय में चार कुर्सी, चार मेज, एक अलमारी हो। कर्मचारियों के नाम पट्टिका हो। इसे कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाए। भवन की दीवार में उपस्थित होने वाले कर्मचारियों के नाम, पद, मोबाइल नंबर, उपस्थित रहने का दिन पेंट से दर्ज कराएं। जन्म-मृत्यु पंजीयन केंद्र भी पेंटिंग से दर्ज हो।
साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले सभी अभिलेख व प्रपत्र देने की निर्धारित अवधि और उसकी सरकारी फीस भी दीवार में लिखाएं। सफाई कर्मियों का उपस्थित रजिस्टर भी मिनी सचिवालय में रहेगा। उनका साप्ताहिक रोस्टर भी दीवार में दर्ज कराया जाए।
डीएम ने यह भी कहा कि अधूरे सामुदायिक शौचालय 31 जनवरी तक पूरे होने चाहिए। गुणवत्ता में कोई कमी न हो। फरवरी के पहले हफ्ते में स्वयं सहायता समूह को संचालन के लिए इन्हें हैंडओवर करने की कार्रवाई बीडीओ और एडीओ दिलचस्पी लेकर कराएं। पानी आदि की व्यवस्था उचित हो।