बांदा। किसान परंपरागत विधि के इतर वैज्ञानिक तकनीक से खेती करें। ताकि आय में बढ़ोतरी हो। यह बात सोमवार को वर्चुअल राज्य स्तरीय खरीफ गोष्ठी में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से कही। एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यहां के किसान भी मंत्री से रूबरू हुए।
मंत्री ने किसानों को कम पानी की साग-सब्जी, फल-फूल और मसाले की फसलों के उत्पादन की सलाह दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान देश की रीढ़ हैं। उसकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निस्तारण होना चाहिए। अपर मुख्य सचिव कृषि ने किसानों को आश्वस्त किया कि जो भी सुझाव आएं, उनका भविष्य में ध्यान रखा जाएगा। संयुक्त कृषि निदेशक आरके सिंह ने कहा कि खरीफ की फसल को लेकर प्रदेश के जनपदों में खाद, बीज की पर्याप्त व्यवस्था है।
चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने चारों जिलों के कृषि रक्षा अधिकारियों सहित बांदा व हमीरपुर के उप कृषि निदेशक के रिक्त पद भरने की मांग की। इस मौके पर जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक (चित्रकूटधाम मंडल) उमेश कटियार, जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार, जिला पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह, सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू, अधिशासी अभियंता केन नहर, लघु डाल नहर, नलकूप, भूमि संरक्षण अधिकारी सौरभ कुमार, जिला उद्यान अधिकारी परवेज खां और किसान आदि मौजूद रहे।